Saturday, 15 August 2026

 *हरियाली* *तीज*


आई सखी री तीज हरियाली।

डल गए झूले डाली-डाली।।

रिमझिम सावन की फुहारें।

सुन मन वीणा की  झंकारें।।

तन मयूर सा झूम रहा है।

झूलों संग नभ चूम रहा है।।



चातक, मोर, पपीहे गाएँ।

देस, मल्हार राग मन भाएँ।।

सज- धजकर हम पर्व मनाएँ।

मिल सावन के गीत गाएँ।।

सदा हरित, पुलकित हो तन-मन।

शुभ हो यह त्योहार पावन।।


चारु शर्मा 

15/8/26

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